- होटल लेमन ट्री में हुआ राहुल जगताप ‘देव’ की पुस्तक ‘आठवाँ चाँद’ का लोकार्पण
- नुक्कड़ नाटक से दूध का सच - “डोंट बिलीव द डेयरी टेल” का मंचन इंदौर में
- हियरज़ैप ने एम्प्लीफॉन इंडिया का किया अधिग्रहण, भारत के संगठित श्रवण स्वास्थ्य-सेवा क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति का उदय
- गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने ईबीजी ग्रुप के इंटीग्रेटेड वेलनेस सेंटर की नींव रखी
- वर्ल्ड फोकलोर डे: Arunabh Kumar और एकता कपूर के भारतीय मंदिरों और लोककथाओं के साझा प्रेम से बनी ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’
इस सप्ताह क्षेत्रीय OTT रिलीज़: अलग-अलग भाषाओं की 5 फ़िल्में जिन्हें अपनी वॉचलिस्ट में शामिल करें
वीकेंड आ चुका था और OTT प्लेटफॉर्म्स ने उन दर्शकों के लिए क्षेत्रीय कहानियों का एक विविध मिश्रण पेश किया, जो मुख्यधारा के सिनेमा से आगे बढ़कर अलग-अलग तरह की फ़िल्में देखना चाहते थे। रिकॉर्ड तोड़ने वाली गुजराती आध्यात्मिक ड्रामा फ़िल्म से लेकर तमिल रोमांटिक एंटरटेनर्स, मलयालम सुपरनैचुरल थ्रिलर और एक दमदार हिंदी ड्रामा तक, उस सप्ताह की रिलीज़ में अलग-अलग पसंद रखने वाले दर्शकों के लिए कुछ न कुछ था।
इस सप्ताह OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज़ हुईं ये पाँच क्षेत्रीय फ़िल्में आपकी वॉचलिस्ट में जगह पाने की हकदार थीं।
- लालो – कृष्ण सदा सहायते | गुजराती
प्लेटफॉर्म: ShemarooMe
शैली: आध्यात्मिक ड्रामा
हाल के समय की सबसे बड़ी गुजराती फ़िल्मों में से एक, ‘लालो – कृष्ण सदा सहायते’ ShemarooMe पर उपलब्ध है। फ़िल्म की कहानी एक संघर्षरत रिक्शा चालक की है, जो रहस्यमय परिस्थितियों में एक सुनसान फार्महाउस में फँस जाता है। वहाँ पसरा डरावना सन्नाटा और भगवान कृष्ण के बार-बार दिखाई देने वाले दृश्य उसे अपने अपराधबोध और दर्दनाक यादों का सामना करने के लिए मजबूर करते हैं। धीरे-धीरे उसकी यात्रा आत्मिक उपचार, प्रायश्चित और जीवन में नए उद्देश्य की तलाश में बदल जाती है।
अंकित साखिया द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म सबसे अधिक कमाई करने वाली गुजराती फ़िल्म बनी। ऐसे में ShemarooMe पर इसका OTT प्रीमियर दुनियाभर के गुजराती दर्शकों के लिए सबसे बहुप्रतीक्षित रिलीज़ में से एक था।
आध्यात्मिकता, मानवीय भावनाओं और प्रायश्चित का खूबसूरत मिश्रण, जिसमें गुजराती सिनेमा का सांस्कृतिक जुड़ाव भी देखने को मिलता है।
- हार्टिन | तमिल
प्लेटफॉर्म: Amazon Prime Video
शैली: रोमांस / कॉमेडी / ड्रामा
जो दर्शक हल्की-फुल्की रिश्तों पर आधारित कहानी देखना चाहते थे, उनके लिए ‘हार्टिन’ रोमांस, कॉमेडी और जटिल रिश्तों को एक साथ लेकर आई। कहानी एक ऐसे कपल के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक अप्रत्याशित परिस्थिति में फँस जाता है, जिसमें प्रेमी की पूर्व प्रेमिका भी शामिल होती है। इससे भावनात्मक उलझनों के साथ-साथ कई मज़ेदार परिस्थितियाँ पैदा होती हैं।
फ़िल्म में सनंत, मैडोना सेबेस्टियन और एमाया टी ने अभिनय किया है, जबकि किशोर कुमार ने इसके साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा।
यह रिश्तों पर आधारित एक मनोरंजक फ़िल्म है, जो प्यार, अचानक सामने आने वाली जटिलताओं और आधुनिक रिश्तों के उलझे हुए पहलुओं को उजागर करती है।
- अरूपी | मलयालम
प्लेटफॉर्म: Amazon Prime Video
शैली: हॉरर / सुपरनैचुरल थ्रिलर
जो दर्शक कुछ अधिक डरावना और रहस्यमय देखना पसंद करते हैं, उनके लिए ‘अरूपी’ में केरल की लोककथाओं, अलौकिक डर और रहस्य का मेल देखने को मिलता है। कहानी एक प्रतिशोधी आत्मा पर केंद्रित है, जो गलती से एक गुड़िया से मुक्त हो जाती है। इसी बीच एक परिवार का आखिरी जीवित उत्तराधिकारी निरंजन एक निर्मम हत्या के बाद अपने पुश्तैनी घर लौटता है। जैसे ही सदियों पुराना श्राप दोबारा सामने आता है, परिवार के लंबे समय से दबे रहस्य धीरे-धीरे खुलने लगते हैं।
अभिलाष वारियर द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म में विशाख रवि, नेहा चावला, जॉय मैथ्यू और अन्य कलाकार शामिल हैं।
लोककथाओं, पुश्तैनी रहस्यों और अलौकिक रोमांच का यह मिश्रण हॉरर और थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए खासा दिलचस्प है।
- अनबे डायना | तमिल
प्लेटफॉर्म: SonyLIV
शैली: रोमांटिक कॉमेडी / फैमिली ड्रामा
पेरम्बूर के जीवंत माहौल की पृष्ठभूमि में बनी ‘अनबे डायना’ एक रूढ़िवादी तेलुगु लड़के और एक एंग्लो-इंडियन लड़की के बीच पनपने वाली क्रॉस-कल्चरल प्रेम कहानी है। उनके रिश्ते को पारिवारिक परंपराओं, पुरानी दुश्मनियों और गहरी जड़ें जमा चुकी पूर्वाग्रहों से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके प्यार की परीक्षा होती है।
परी एलावाझगन द्वारा निर्देशित और अभिनीत इस फ़िल्म में रम्या रंगनाथन, रोजा सेल्वमणि और चेतन कदंबी भी नजर आते हैं।
यह एक रंगीन रोमांटिक फैमिली एंटरटेनर है, जो प्यार, सांस्कृतिक अंतर और रिश्तों को लेकर समाज और परिवार की अपेक्षाओं को उजागर करती है।
- भारत भाग्य विधाता | हिंदी
प्लेटफॉर्म: ZEE5
शैली: मेडिकल ड्रामा
‘भारत भाग्य विधाता’ दर्शकों को 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की त्रासदीपूर्ण घटनाओं के दौर में ले जाती है, लेकिन इस कहानी को उन स्वास्थ्यकर्मियों के नजरिए से प्रस्तुत करती है, जिन्होंने उस भयावह स्थिति के बीच भी अपना काम जारी रखा। फ़िल्म अस्पताल के उन कर्मचारियों के साहस और समर्पण को सामने लाती है, जो देश के सबसे कठिन दौर में गुमनाम नायकों की तरह डटे रहे।
मनोज तपाड़िया द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म में कंगना रनौत प्रमुख भूमिका में हैं। यह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को एक भावनात्मक और गहन मानवीय कहानी के साथ जोड़ती है।
एक सामाजिक रूप से प्रासंगिक ड्रामा, जो राष्ट्रीय त्रासदी के दौरान पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों के साहस और योगदान पर रोशनी डालती है।


